सूजी(रवा) किससे बनती है इसके फायदे और नुकसान-semolina benifits and side effects in hindi



सूजी(रवा) किससे बनती है इसके फायदे और नुकसान- how to make semolina, benifits and side effects in hindi
सूजी (सेमोलिना)


 सूजी(रवा) किससे बनती है इसके फायदे और नुकसान- how to make semolina, benifits and side effects in hindi



उत्तर भारत में इसे सूजी और दक्षिण भारत में इसे रवा कहते है।  दक्षिण भारत में इससे उपमा, उत्तपम,इडली और उपमा जैसे व्यंजन बनाये जाते है और उत्तर भारत में हलवा विशेष रूप से बनाया जाता है। रवे से व्यंजनों के बेस भी तैयार किये जाते है जैसे- पिज़्ज़ा, केक आदि ।



सूजी किस चीज़ का और कैसे बनता है

सूजी(रवा) गेंहू की एक प्रजाति ड्यूरम गेहूं (durum wheat) से बनाया जाता है जो एक प्रकार का आटा होता है।  इससे बना रवा हल्के पीले(सुनहरा) रंग का होता है। सूजी बनाने के लिए गेंहू के  छिलके को अलग कर दिया जाता है और अंदर के सफ़ेद भाग को बारीक दरदरा पीस लिया जाता है।

गेंहू के आटे में अधिक पौष्टिकता या सूजी में -

गेंहू में अधिक पोषण है क्योंकि गेंहू के छिलके में अधिक पोषक तत्व होते है जो सीधे उसके आटे में भी जाते है लेकिन सूजी को बनाते समय गेंहू से छिलका उतार दिया जाता है।

सूजी का प्रयोग अधिक कहाँ किया जाता है 

इटली में सूजी का प्रयोग पास्ता बनाने सबसे अधिक किया जाता है  क्योंकि इसमें लसलसापन  होता है जो उबालने पर टूटता नहीं।  साथ ही उत्तरी अमेरिका में इससे बासबोसा व्यंजन बनाया जाता है ।  साथ इसका प्रयोग पुडिंग रूप में जिसमे गर्म दूध में सूजी, चीनी मिलाकर सर्व किया जाता है ।  उत्तरी अफ्रीका में सेमोलिना मुख्य आहार की तरह खाया जाता है।

100 ग्राम सूजी में -
 कैलोरी-        165
 प्रोटीन -        13 ग्राम
कोलेस्ट्रॉल -    0 (शुन्य)
फैट  -             1. 1 ग्राम
कार्बोहायड्रेट - 73 ग्राम
मैग्नीशियम - 47 मिलीग्राम
जिंक -             11 मिलीग्राम

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सूजी के फायदे -

1- सूजी होल वीट ग्रेन से बनता है यह  पेट को काफी देर तक भरा हुआ रखता है जिससे आप और कुछ खाने से बच जाते है। जिससे आपको वजन कम करने में आसानी होती है।


2- यह नाश्ते का सर्वोत्तम विकल्प  है जो एनर्जी देने के साथ आपको ative रखता है।


3- रवा मैग्निशयम, जिंक और फॉस्फोरस के जरिये हड्डियों को फिट रखता है साथ ही इसमें कोलेस्ट्रॉल कम होने के वजह से हार्ट अटैक का खतरा बहुत कम हो जाता है।


4- सूजी में ग्लिसेमिक इंडेक्स कम होता है जिससे इसे शुगर के मरीज खा सकते है। 


5- इससे प्रतिरोधक छमता भी दुरुस्त रहती है। क्योंकि इसमें सेलेनियम नामक एंटीऑक्सीडेंट होता है। 

सूजी के नुकसान -

1- अगर आपको सेलेकिक बीमारी है तो आपको सूजी से बने  पदार्थ खाने पर पेट में दर्द, कब्ज या क्रोनिक डायरिया सकता है। हो सकता है।

2- गेंहू से एलेर्जी है तो उससे बने आहार खाने से भी एलेर्जी हो सकती है।

3- जो लोग ग्लूटेन के प्रति संवेदनशील है उनको यह नुकसान कर सकता है।