पिपरमेंट तेल के 12 फायदे उपयोग और नुकसान-pudina tel benefits

पिपरमेंट तेल के 12 फायदे उपयोग और नुकसान
peppermint oil benefits 


Pudina ka tel (peppermint oil) benefits in hindi कई एसेंशियल आयल की तरह पुदीने का तेल भी चलन में है।  अंग्रेजी में इसे पेपरमिंट ऑयल कहते हैं। इसमें मौजूद मेंथॉल से ही पुदीने को स्‍वाद, सुगंध और ठंडक जैसा प्रभाव मिलता है। पेपरमिंट एसेंशियल ऑयल का इस्‍तेमाल ब्‍यूटी, सेहत और क्‍लीजिंग जैसे कामों के लिए किया जा सकता है। जिसके बारे में हम लेख के आने वाले भागों में बताएंगे।


पुदीना का तेल क्‍या है? – What is Peppermint Oil in Hindi


Peppermint oil पुदीने की पत्तियों के अर्क से निकाले गए तेल से बनाया जाता है। लेकिन यह साधारण पेपरमिंट नहीं होता, बल्कि इसे वाटरमिंट और स्पीयरमिंट पुदीना के इन दो प्रकारों को मिलाकर बनाया जाता है। पेपरमिंट ऑयल में मेंथॉल की अधिक मात्रा होने की वजह से इसकी महक भी मेंथॉल की ही तरह होती है। यह रंग में हल्का पीला और तरलता में पानी की तरह होता है । 

पुदीने कई न्यूट्रिएंट्स होते है जैसे - विटामिन ए और सी, कैल्शियम, मैग्नीशियम, कैलोरी, वसा, आयरन, एंटी-ऑक्सीडेंट आदि तत्व प्राप्त होते है।   


पुदीने के तेल के त्वचा, बालों व स्वास्थ्य फायदे - benefits of peppermint oil in hindi


सिरदर्द कम करे

एक शोध में पता चला है कि यदि सामान्य चिंता या तनाव के वजह से यदि सिरदर्द बना हुआ है तो पेपरमिंट ऑयल का उपयोग किया जा सकता है। यह एलोपैथिक दवाइयों जितना प्रभावशाली माना गया है। 

तनाव और थकान में आराम

पुदीने का तेल थकान या काम के वजह से हो रहे दर्द से राहत दिलाने में भी लाभदायक है। इसके लिए पेपरमिंट ऑयल की अरोमाथेरेपी का उपयोग किया जा सकता है। माना जाता है कि पेपरमिंट ऑयल व्यक्ति के सेंट्रल नवर्स सिस्टम पर सकारात्मक प्रभाव डालकर  थकान और तनाव के दर्द से आराम दिला सकता है।  

इसके अलावा, पेपरमिंट ऑयल में एंटीस्पास्मोडिक प्रभाव पाया जाता है जो दर्द व ऐंठन से राहत दिला सकता है। इसलिए कई दर्दनिवारक बाम(balm) में भी पेपरमिंट ऑयल का उपयोग किया जाता है।


दांत दर्द में आराम दे 

यदि दांत में दर्द है तो दर्द वाले स्थान पर पिपरमिंट रख ले।  इससे बहुत राहत मिलती है।  


सर्दी-जुकाम में राहत दे 

मौसम में बदलाव के वजह से जुकाम हो गया है तो गर्म पानी में पेपरमिंट डालकर भाप लें , यह बहुत असरदार होता है। 


स्कैल्प का ब्लड सर्कुलेशन बढ़ाये  

जब स्‍कैल्‍प पर रक्‍त प्रवाह ठीक तरह से होगा तो बालों से जुड़ी सभी परेशानियां अपने आप दूर हो जाएंगी। इस तेल में रक्‍त वाहिकाओं को चौड़ा करने की क्षमता है जिससे कि रक्‍त प्रवाह में सुधार आता है।  इस तेल को बालों में 15 से 20 मिनट तक लगा रहने दें और फिर शैंपू से बालों को धो लें। ध्यान रहे इस तेल में कोई दूसरा तेल मिलाकर ही लगाए इससे स्किन को नुकसान नहीं होता है। 

चमकदार बालों के लिए एक हेयर ऑयल

इसके लिए आपको नारियल के तेल में पुदीने का तेल (Peppermint Oil) मिलाएं और उसकी आपके स्कैल्प में अच्छे से मसाज करें। अगर आप बहुत ज्यादा सेंसिटिव हैं और आपको इस ऑयल से किसी प्रकार का एलर्जिक रिएक्शन होने लगता है तो इसका प्रयोग न करें।


साइनस के लिए पेपरमिंट ऑयल

पुदीने को साइनस के लिए उपयोगी माना गया है। साइनस में होने पर  बुखार, कमजोरी, बंद नाक, सांस लेने में तकलीफ जैसी समस्याएं हो सकती हैं यह संक्रमण के कारण हो सकता है तथा इस दौरान होने वाली सूजन को साइनसाइटिस कहा जाता है। ऐसे में साइनस के लक्षणों में पुदीना का तेल लाभकारी हो सकता है।  

ऐसा इसलिए कहा गया है क्योंकि यह सर्दी-जुकाम में नाक बंद होने में पीपरमेंट  उपयोगी होता है और साइनस  भी बंद  ऐसे में अरोमा थेरेपी के तौर पर इसका उपयोग किया जा सकता है।

मतली से आराम

पुदीना के तेल की अरोमाथेरेपी लेने से मितली या जी मिचलाने में आराम मिल सकता है। इसमें मौजूद एंटी-एमेटिक गुण उल्टी और मतली को कम करने वाला प्रभाव को कम करने में उपयोगी मान सकते हैं, ऐसे में माना जा सकता है कि मतली की समस्या में पुदीने के तेल के फायदे देखे जा सकते हैं। एक वैज्ञानिक प्रयोग में भी जी मिचलाने से आराम पाने के लिए पेपरमिंट ऑयल के फायदे देखे गए हैं। लेकिन डॉक्टरी परामर्श आवशयक है। 

त्वचा में जलन और खुजली

त्वचा में खुजली की समस्या से राहत पाने के लिए त्वचा पर पेपरमिंट ऑयल का इस्तेमाल किया जा सकता है। पेपरमिंट ऑयल बेनेफिट्स इन हिंदी में त्वचा के लिए भी इस तेल को उपयोगी माना गया है।  अध्ययन के अनुसार पेपरमिंट ऑयल में मेंथॉल पाया जाता है जो त्वचा को ठंडक पहुंचा सकता है, इसके अलावा, जिस हिस्से में जलन व खुजली है वह पर लगाने से इस समस्या को कम किया जा सकता है।

एलर्जी और संक्रमण से बचाव

पिपरमेंट में मौजूद मेंथॉल, एलर्जी पर प्रभाव डालता है। दरअसल पेपरमिंट ऑयल में एंटी-बैक्टीरियल, एंटी-माइक्रोबियल,और एंटी-फंगल गुण होते हैं, जो संक्रमण फैलाने वाले बैक्टीरिया और फंगस से बचाव का काम कर सकते हैं। लेकिन जिनकी त्वचा सेंसिटिव है वे इसे इस्तेमाल न करें। उपयोग से पहले डॉक्टरी सलाह लें और त्वचा पर लगाने से पहले पैच टेस्ट जरूर करें।

पाचन के लिए सहायक

अगर आपको गैस होती है तो आपके डॉक्टर आपको एंटीस्पासमोडिक ड्रग देने को सुझा सकते हैं। एक स्टडी के अनुसार यह ऑयल एंटीस्पासमोडिक ड्रग के समान ही प्रभावित है।  अगर आपको गैस, हार्ट बर्न, ब्लोटिंग या पाचन अच्छे से न होने जैसी समस्याएं हैं तो आप पुदीने का तेल (Peppermint Oil) का प्रयोग कर सकते हैं। अच्छी बात यह है कि यह इस प्रकार की दवाइयों का एक प्राकृतिक विकल्प है।

त्वचा स्वास्थ्य के लिए

पेपरमिंट ऑयल इन हिंदी में पुदीने के तेल को त्वचा स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद माना गया है। हालांकि, इसके पीछे कौन से गुण प्रभावकारी हैं, इसके लिए और वैज्ञानिक शोध की आवश्यकता है, लेकिन त्वचा की फटने की हल्की-फुल्की जैसी समस्या में पेपरमिंट ऑयल युक्त क्रीम या लोशन लगाना उपयोगी हो सकता है। संवेदनश त्वचा वाले या जो पहली बार लगा रहे है वे एक बार पैच टेस्ट अवश्य कर लें।

पुदीना के तेल का उपयोग – How to Use Peppermint Oil in Hindi

पुदीना के तेल का उपयोग कई लोशन, क्रीम्स, इन्हेलर्स और दवाइयों में होता है। इसके अलावा,  घरेलू तौर पर भी पेपरमिंट ऑयल का इस्तेमालकर सकते हैं। ये कुछ इस प्रकार हैं:

  • मांसपेशियों के दर्द में राहत के लिए मसाज तौर पर उपयोग किया जा सकता है।
  • स्कैल्प की मसाज कर रक्त प्रवाह बेहतर कर सकते हैं।
  • फेस पैक में डालकर उपयोग किया जा सकता है।
  • अरोमाथेरेपी लेने के लिए डिफ्यूजर में कुछ बूंदें डालकर उपयोग करें।
  • हेयर मास्क में डालकर भी उपयोग किया जा सकता है।
  • मॉइस्चराइजर या अपने क्रीम में मिलाकर लगाया जा सकता है।

पिपरमिंट तेल के नुकसान - side effects of peppermint oil in hindi 


नीचे बताए गए नुकसान हो सकते हैं -

  • मतली और उल्टी आ सकती है 
  • शरीर में कंपकपी हो सकती है 
  • चक्कर आना
  • गैस की समस्या हो सकती है। 
  • अवसाद की परेशानी 
  • पेट दर्द 
  • सांस लेने में तकलीफ
  • मूत्र में रक्त आने की समस्या हो सकती है। 
  • बेहोशी होना 
  • लिवर में समस्या होना 
  • शरीर का संतुलन बनाए रखने में समस्या हो सकती है। 
  • विषाक्त प्रभाव दे सकता है। 
  • 7 साल से कम उम्र के बच्चों को इसका उपयोग न कराएं।
  • डॉक्टरों के अनुसार गर्भवती या स्तनपान कराने वाली महिलाओं को पुदीने के तेल का सेवन नहीं करना चाहिए। वहीं, गर्भवती मतली के लिए पुदीने के तेल का डिफ्यूजर या अरोमा थेरेपी लेने से पहले डॉक्टरी सलाह जरूर लें।
  • जो लोग हर्निया व पित्ताशय के रोग से पीड़ित है वे भी इसका सेवन न करें। 
  • आंखों में भूलकर भी न डाले। 

निष्कर्ष 

इस आर्टिकल में pudine ke tel जो भी फायदे बताये गए है वे किसी बीमारी को ठीक करने का दावा नहीं करते है।  यह सिर्फ उनके लक्षणों को कम या प्रभावित करते है।  इस्तेमाल से पहले डॉक्टर से परामर्श अवश्य ले