खाली पेट खसखस का सेवन देता है अनेक फायदे जानिए कैसे करे उपयोग

खाली पेट खसखस का सेवन देता है अनेक फायदे जानिए कैसे करे उपयोग


खाली पेट खसखस के खाने के फायदे और नुकसान  खसखस को (पॉपी सीड्स) कहते है। खसखस तिलहन होता है जो खाने में इस्तेमाल होता है लेकिन यह औषधिये गुणों से भी भरपूर होता है।  इसका वैज्ञानिक नाम पेपेवर सोम्निफेरम है। यह लाइट सफ़ेद ग्रे, डार्क ग्रे, काले या नीले रंग में मिलते है।  भारत में अधिकतर सफेद रंग वाला उपयोग में लाया जाता है।

खसखस के रस का उपयोग त्वचा रोगों के इलाज के लिए भी किया जाता है। बीज से निकाले गए कोडीन और मॉर्फिन का उपयोग दर्द निवारक(pain killer) के रूप में किया जाता है। 

खसखस के भी कुछ प्रकार  -  

सफ़ेद खसखस - यह अधिकतर भारत में उपयोग किया जाता है।  

नीला खसखस - यह मिठाईया और चॉक्लेट में डाला जाता है। इसे यूरोपीय खसखस भी कहते है।

ओरिएंटल खसखस –इससे अफीम पैदा की जाती है।  इसे ओपियम पॉपी भी कहा जाता है।  

खाली पेट खस खस के फायदे - poppy seeds(khas khas) benefits in hindi


चयापचय बनाये रखें 

खसखस में फाइबर होता है जो डाइजेशन को फिट बनाता है जिससे मेटाबोलिज्म तेज होता है। जब चयापचय क्रिया तेज होती है तो शरीर में एक्स्ट्रा फैट नहीं जमने पाता है और वजन भी नहीं बढ़ता है।  

कब्ज से राहत 


दरअसल खसखस में अघुलनशील फाइबर होता होता है। इसके वजह से कब्ज की समस्या से राहत मिलती है।  छुहारा सुबह खाली पेट खाने के फायदे और नुकसान

हड्डियों को मजबूत करें 

 खसखस के बीजों में प्रोटीन और मैंगनीज मौजूद होते है जो कोलेजन के उत्पादन में मदद करता है इसलिए सुबह खाली पेट खसखस खाने से हड्डियों की छति होने का खतरा कम हो जाता है। दूध  में खसखस मिलाकर पीने के बेहतरीन परिणाम मिलते है। खसखस कैल्शियम, जिंक और कॉपर जैसे पोषक तत्वों से भरपूर होता है। 20 हाई कैल्शियम युक्त आहार की लिस्ट

पेट के अल्सर में फायदेमंद 

खसखस की तासीर ठंडी होती है और यह पेट को ठंडा रखता है इससे छाले निकलने में कमी होती है। भिगोय हुए खसखस में शहद मिलाकर खाना फायदेमंद होता है। 

ब्लड सर्कुलेशन बेहतर करें 

खसखस ख़राब कोलेस्ट्रॉल को कम करता है और अच्छे कोलेस्ट्रॉल को बनाये रखता है। इससे रक्त का प्रवाह अच्छे से होता है और बीपी कण्ट्रोल रहता है।  

महिलाओं प्रजनन में सुधार करें 

यह महिलाओं के प्रजनन छमता में सुधार करता है। एक शोध के अनुसार खसखस में विटामिन इ पाया जाता है। जो गर्भवती महिलाओं के लिए बहुत ही अच्छा होता है।  खसखस का तेल फर्टिलिटी बढ़ाने  में मदद करता है।  लेकिन डॉक्टर से पूछ  कर ही सेवन करे।

कैंसर की रोकथाम में मददगार खस खस 

एक रिपोर्ट के अनुसार खसखस को योनि, त्वचा, कैंसर की पारंपरिक दवा के रूप में भी जाना गया है। कैंसर से रोकथाम खसखस की यह गतिविधि कैंसर से रोकथाम का कार्य कर सकती है।  यह कार्सिनोजेन-डिटॉक्सिफाइंग एंजाइम की गतिविधि को 78 प्रतिशत तक बढ़ा सकता है, जिसे ग्लूटाथिओन-एस-ट्रांसफरेज (जीएसटी) कहा जाता है। हालांकि शोध बाकि है। 


ऊर्जा बढ़ाये 

यह खाद्य पदार्थ कार्बोहाइड्रेट जैसे पोषक तत्वों से समृद्ध होता है, जिसे आहार में ऊर्जा का जरूरी स्रोत माना जाता है जो शरीर में ऊर्जा के प्रवाह को बढ़ाने के लिए खसखस आपकी मदद कर सकता है। शरीर में ऊर्जा और पूर्ति के संतुलन के लिए आप खसखस का सेवन कर सकते हैं।

ख़सखस का उपयोग कैसे करें -

भारत के विभिन्न राज्यों में सफ़ेद खसखस ​​का उपयोग व्यंजनों का स्वाद बढ़ाने के लिए किया जाता है। खसखस का उपयोग करने से पहले बीजों को अच्छी तरह साफ कर लें और देख लें। फिर बीजों को कम से कम दो घंटे पानी या दूध में भिगोना चाहिए। इसके बाद उन्हें सूखने के लिए छोड़ दें। आईये जाने इसके क्या-क्या उपयोग है -

  • ग्रेवी को गाढ़ा करने के लिए भीगे हुए खसखस को अन्य मसलों के साथ उपयोग किया जा सकता है।
  • खसखस को रोस्ट करके ​​इसे ब्रेड, सब्जियों, रोल्स और सलाद की गार्निशिंग करने के लिए किया जा सकता है।
  • पश्चिम बंगाल और बांग्लादेश में सफेद खसखस (पोस्तो) ​​का इस्तेमाल कई तरह के व्यंजन बनाने के लिए किया जाता है, जैसे आलू पोस्तो व पोस्तो बोड़ा आदि। आलू पोस्तो के लिए सफेद खसखस को पहले पीस लिया जाता है और फिर इस्तेमाल में लाया जाता है।
  • महाराष्ट्र में खसखस ​​का उपयोग एक विशेष प्रकार की अनारकला नाम की मिठाई बनाने के लिए किया जाता है और आंध्र प्रदेश में सफेद खसखस ​​के पेस्ट का उपयोग एक मसाले के रूप में चिकन, सब्जियों व मांस को बनाने के लिए किया जाता है।
  • खसखस ​​का इस्तेमाल पेस्ट्री, केक और बेकिंग के लिए भी किया जाता है।
 खसखस से बनने वाली रेसिपी :

1. खसखस ब्रेड 

सामग्री :
  • तीन कप आटा लीजिये 
  • बेकिंग पाउडर का डेढ़ चम्मच
  • तीन बड़े चम्मच खसखस
  • डेढ़ चम्मच नमक
  • 1 चम्मच मक्खन
  • कप का एक तिहाई वनस्पति तेल
  • ढाई कप चीनी
  • तीन अंडे
  • एक कप दूध
  • डेढ़ चम्मच बादाम का रस
  • डेढ़ चम्मच वनीला रस

कैसे बनाएं :
  • ओवन को 350 F पर प्रीहीट करें।
  • पैन के अंदर बटर या तेल लगाएं।
  • सभी सामग्रियों को एक पैन में डालकर मिलाएं और फिर ओवन में रखें।
  • एक घंटे तक बेक करें। बीच-बीच में देखते रहें ब्रेड जल न जाएं।

2- खसखस की चाय 

सामग्री :
  • 250 ग्राम खसखस लें 
  • तीन कप गर्म पानी करें 
  • दो बड़े चम्मच नींबू का रस लें 
  • दो लीटर की खाली स्टील बोतल
कैसे बनाएं :
  • खसखस को स्टील बोतल में डालें।
  • बोतल में गर्म पानी डालें और ऊपर से नींबू का रस मिलाएं।
  • बोतल को बंद करें और लगभग 2 मिनट तक शेक करे।
  • अब कप में चाय को छान लें।

खसखस के नुकसान – Side Effects of Poppy Seeds/Khas Kha in Hindi 

खसखस एक गुणकारी खाद्य पदार्थ है, जिसका इस्तेमाल शरीर की कई बीमारियों से निजात पाने के लिए किया जा सकता है, लेकिन किसी भी चीज़ का अत्यधिक सेवन से एलर्जी, कब्ज, मतली, सुस्ती हो सकती है।  


निष्कर्ष 

 इस लेख में बताई खस खस के लाभ सामान्य रूप से आपको मिल सकते है।  इसका इस्तेमाल एक औषधि के रूप में कर सकते हैं। वहीं, इसके सेवन की मात्रा का भी पूरा ध्यान रखें, वहीं, इसके उपयोग के दौरान कोई दुष्परिणाम नजर आने पर डॉक्टर से संपर्क करना न भूलें। 

FAQ 

Q- खस खस को कितने दिन स्टोर कर सकते है ? 

A- यदि खसखस को एक एयरटाइट कंटेनर में ठंडी, सूखी, अंधेरी व नमी से दूर रखा जाये तो इसे 6 महीने तक स्टोर कर सकते है।