हार्निया प्रकार, कारण, लक्षण और इलाज - harnia home treamment in hindi

 
हार्निया प्रकार, कारण, लक्षण और इलाज - harnia treamment in hindi


harniya kya hota hai  हर्निया अधिकतर पुरुषों में जो आमतौर पर कमर के पास होता है।  वैसे यह पेट जांघ के ऊपर भी हो सकता है।  इस आर्टिकल में हर्निया कैसे होती है  और इलाज (harniya bimari ka ilaj) के बारे में जान सकते है - 

 पेट में हर्निया कैसे होती है - what is Harnia in hindi


harniya kyu hota hai जब पेट की आस-पास की मांसपेशियों में से कोई कमजोर ऊतक बाहर तक निकल या फ़ैल जाता है तो उसे हर्निया कहते है।  व्यक्ति  पेट के में विभिन्न परते होती है जो कई टिस्यूज(ऊतक) और मांसपेशियों से बनी है।  यदि इनमे से कोई मांसपेशी  उस  हिस्से से  बाहर निकल आता है तो पेट में एक उभार जैसा दिखने लगता है जो खांसने  पर अधिक स्पष्ट होता है।  

अधिकतर लोगो में हर्निया दर्द नहीं देती है बल्कि सिर्फ उभार दिखता है और छूने पर महसूस होता है। लेकिन खड़े होने  और बैठने पर दर्द दे सकता है।  जब आंत के कार्य में रुकावट आनी शुरू हो जाती है तो सर्जरी की आवश्यकता होती है। 

अधिकतर लोगो में पेट की हर्निया होती है जिसे (वंक्षण हर्निया) कहते है। 

हर्निया के प्रकार - types of harnia in hindi


वंक्षण या अंडकोष हर्निया Inguinal Hernia


यह हर्निया सबसे आम (95%) और पुरुषो में बहुतायत होता है।  इसमें जांघ के पास आंत मांसपेशी से बाहर निकल आती है। लेकिन इसमें उभार सामान्य रूप से कम दिखता है जो तेज से खांसने, कोई भरी सामान उठाने पर ही स्पष्ट दिखता है। जो कभी-कभी अंडकोष तक में खिसक जाता है जिससे अंडकोष में दर्द और सूजन होने लगता है ।  ऐसे में अपच व पेशाब करने में कठिनाई होती है। इसमें डायफ्रामा कमजोर हो जाता है। 

हियातल हर्निया Hiatal Hernia


यह हर्निया पेट में विकसित होता है एसोफैगस और पेट के बीच परत होती है जब पेट के ऊपर का भाग सीने तक आ जाता है तो हियताल हर्निया होता है।   


इंसिज़नल हर्निया Incisional Hernia


इस प्रकार की हर्निया मोटे और बुजुर्गो अधिक होता है क्योंकि वे अधिक शारीरिक क्रिया नहीं कर पाते है खासकर जिनकी पेट की सर्जरी हुई हो। 

फेमोरल हर्निया Femoral Hernia


यह प्रेग्नेंट महिलाओं और अधिक वजन वाले लोगों में आम है।   तब विकसित होता है जब आंत ऊपरी जांघ में ऊरु धमनी को ले जाने वाली नली में प्रवेश करती है। यह गर्भवती महिलाओं और मोटापे से ग्रस्त महिलाओं में आम है।

गर्भनाल हर्निया Umbilical Hernia


यह नवजात शिशुओं में और मोटापे से ग्रस्त महिलाओं में होता है।  इस प्रकार के हर्निया में छोटी आंत का एक छोटा हिस्सा नाभि के पास पेट की दीवार से होकर गुजरता है जिससे नाभि के पास उभार दिखता है।


हर्निया होने होने के कारण - harnia causes in hindi


अक्सर कब्ज की बीमारी रहने पर। 
पेट में अधिक तनाव देने वाले कार्य करने से 
लगातार खांसना या छींकना
सिस्टिक फाइब्रोसिस
पेशाब करने के लिए तनाव
पेट में तरल पदार्थ का निर्माण
इनके अलावा, मोटापा, खराब खान-पान और धूम्रपान से मांसपेशियां कमजोर हो सकती हैं और हर्निया का खतरा बढ़ सकता है।

कई बार बच्चे को जन्म के बाद गर्भनाल हर्निया हो जाता है। 




हर्निया के लक्षण - symtoms of harnia in hindi


चलने फिरने में दर्द  
कमर, जांघ, अंडकोष या पेट के पास उभार महसूस होना 
दस्त या कब्ज
खांसते, व्यायाम करते समय या गति करते समय तेज दर्द
मतली
उल्टी करना
सूजन का एहसास लेकिन जिसे वापस पेट में नहीं धकेला जा सकता है
एसिड रिफ्लक्स जिसके परिणामस्वरूप खाने के दौरान सीने में दर्द 

हर्निया का इलाज - treatment of harnia in hindi


परीक्षण (test)


चिकित्सक शरीर का परिक्षण करते है या उभर या सूजन  को देखते या स्पष्ट देखने के लिए खस्ने के लिए और खिचाव के लिए कह  सकते है। सकते हैं। 

डॉक्टर एब्डोमिनल स्कैन, सीटी स्कैन और एमआरआई स्कैन के लिए भी कह सकते है की भी सिफारिश कर सकते हैं जिससे हर्निया के इलाज में सहायता हो सके। 

सर्जरी 


ओपन सर्जरी  - इस सर्जरी में जहां हर्निया हुआ है वहाँ पर सर्जरी करके हर्निया को फिर से अंदर कर दिया जाता है। इसमें  लैप्रोस्कोपिक सर्जरी (दूरबीन सर्जरी ) शामिल है जिसमे टेलिस्कोप की मदद से एक छोटा चीरा लगाया जाता है और फिर पतली ट्यूब से हर्निया का इलाज किया जाता है।  

जटिलताएं 


आंत का एक हिस्सा वंक्षण नहर में फंस जाता है, जिससे मतली, उल्टी, पेट दर्द और कमर में दर्द होता है।
कभी-कभी आंत का हिस्सा इस तरह से फंस जाता है जिससे उसकी रक्त आपूर्ति बंद हो जाती है। ऐसे मामलों में, ऊतक मृत्यु को रोकने के लिए आपातकालीन सर्जरी आवश्यक हो जाती है।

हर्निया का आयुर्वेदिक घरेलू - ayurvedic treatment of harnia in hindi


इन घरेलू उपचार को करने से हर्निया में आराम मिल सकता है लेकिन समस्या अधिक होने पर डॉक्टर को को जरूर दिखाए -

खाने के एक घंटे बाद एक ग्लास पानी में एक चम्मच सेब का सिरका (apple cider vinegar) मिलाकर पीने से हार्निया  में लाभकारी होता है। 

हार्निया  परेशानी से बचने के  लिए एलो वेरा के जूस का सेवन करे। 

आंत की मसल्स को  मजबूत करने के लिए सेन्ना का प्रयोग करे।  कमजोर मांसपेशी हार्निया के लिए अधिक जिम्मेदार होती है। 

मालिश हार्निया में सबसे अधिक फायदेमंद होता है।  

हाइटल हार्निया (hiatus hernia ka ayurvedic ilaj) में पाचन क्रिया फिट रखने और खट्टी डकारों से बचने के लिए दिन में दो से तीन बार कैमोमाइल या दाल चीनी की चाय का सेवन करे।  

त्रिफला के चूर्ण का प्रयोग करे।  इसके लिए त्रिफला रात में भिगो कर रख दे और सुबह उपयोग करे।   

खूब पानी पिए। 



हर्निया से बचाव कैसे करें - how to prevent harnia in hindi


यहाँ बताये गए कारको से हर्निया के जोखिम को कम कर सकते है -

कब्ज से बचने के लिए पर्याप्त फल, सब्जियां और साबुत अनाज खाएं।
अपनी छमता के अनुसार ही वजन उठाये, और उठाते समय घुटने के बल झुके। 
जब आप लगातार खांसी या छींक से बीमार हों तो डॉक्टर से मिलें।
ऐसे कसरत करने से बचे जिससे हर्निया पर अधिक दबाव पड़े। 
आदर्श शरीर का वजन बनाए रखें
धूम्रपान छोड़ने की कोशिश करें यह हर्निया को बढ़ावा देता है। 
पेशाब या मल त्याग करते समय तनाव से बचें
कब्ज से बचने के लिए फाइबर से भरपूर आहार लें। 
आंतों की मांसपेशियों को मजबूत करने वाले व्यायाम करें। 

निष्कर्ष 

हर्निया के इलाज की सर्जरी के बाद चिकित्सक आपको निर्देश देंगे कि सर्जरी के बाद कैसे ध्यान रखना है।  हर्निया के जोखिमों को बढ़ाने वाले कारको को करने से बचे।  स्वस्थ आहार खाने और व्यायाम करके आदर्श शरीर के वजन को बनाए रखें।