चिरौंजी के 11 फायदे और नुकसान - chirounji benefits in hindi

चिरौंजी के 11 फायदे और नुकसान - chirounji benefits in hindi
चिरौंजी 

 चिरौंजी जिसे चारोली भी बोलते है के अनेकों फायदे है। इसका वानस्पतिक नाम बुकनानिया लजानन है।  यह ड्राई फ्रूट्स के तरह ही इतेमाल होते है जैसे मिठाईया, खीर, हलवा ।  ईसमें प्रोटीन, कम कैलोरी और गुड कोलेस्ट्रॉल होते है। 

चिरौंजी क्या है - waht is chirounji in hindi 

चिरौंजी का पौधा एनाकार्डिएसी परिवार का है।   यह शुष्क और अर्ध शुष्क क्षेत्रों में उगाया जाता है।  इसके लिए दोमट मिटटी अधिक उपयुक्त रहती है।  इसके फल के बाहरी आवरण को हटाकर अंदर के बीज को ही चिरौंजी कहते है। 

इसे अलग-अलग जगहों में कई नाम दिए गए है जैसे - कडप्पा बादाम, कैलम्पोंग नट, चारोली। यह भारत, वर्मा, थायलैंड में अधिक होता है।

चिरौंजी (charoli) में पाए जाने वाले तत्व 

चिरौंजी के पौधे के फलों और बीजों में फ्लेवोनोइड्स, 8-सिनोल, कैम्फीन, टैनिन, माईकिन, ट्राइग्लिसराइड्स, सैबेनिन, गैलेक्टोसाइड्स और वाई-टेरपीनिन जैसे आवश्यक तेलों और बायोएक्टिव घटकों का भी समन्वय होते हैं। 

यह विटामिन बी 1, बी 2, बी 3, सी फॉस्फोरस, आयरन, नियासिन  और फाइबर से भरपूर है। 


चिरौंजी के फायदे - benefits of chirounji (charoli) in hindi

चिरौंजी(chirounji in hindi) गैस, छाले के अलावा अनेकों फायदे है जिनमे से कुछ यहाँ बताये गए है कि किस तरह यह हमारे लिए उपयोगी है -

चिरौंजी ब्लड प्यूरिफायिंग करें  

 चिरौंजी के पाउडर खून को साफ करने और प्रवाह बनाये रखने के साथ ही खराब टॉक्सिन्स को कम करने का कार्य करता है। जिससे स्ट्रेस का लेवल भी कम रहता है।

डाइबिटीज में उपयोगी चिरौंजी 

चिरौंजी के बीज का पाउडर शरीर में रक्त शर्करा के स्तर को कम करता है और एक संतुलित शुगर  को बनाए रखता है। क्योंकि इसमें  एंटी-डायबिटिक गुण होता है को बनाने वाली सेल्स को छतिग्रस्त होने से बचाता है।   टाइप 1 और टाइप 2 डाइबिटीज़ में अंतर और लक्षण


चिरौंजी डायरिया में फायदेमंद 

चिरौंजी के बीज में पाए जाने वाले में तत्व मल के कणों को बधाँते है।  इसके तेल को फलों के जूस में डाल कर पीजिये। साथ ही पाउडर का भी सेवन करें।


चिरौंजी कामेच्छा बढ़ाये 

चिरौंजी में सेक्सयूलिटी बढाने के गुण होते है इसके पाउडर को दूध के साथ ले। यह स्पर्म को एक्टिव रखते है जिससे नपुंसकता नही आती है और प्रजनन में परेशानी नही आती है। लेकिन ऐसी कोई समस्या है तो सिर्फ इसके सहारे न बैठकर डॉक्टर को दिखाए।

खुजली दूर करें चिरौंजी 

खुजली स्किन में होने वाली खुजली दूर करे।  इसके लिए गुलाब जल में चिरौंजी पीस कर खुजली वाली जगह पर लगाए।  इसमें थोड़ा सुहागा भी मिला सकते है। 


चिरौंजी झाईयां (पिगमेंटेशन) कम करें 

दूध के साथ इसके पॉउडर का पेस्ट बना कर, झाईयों वाली जगह पर इस्तेमाल करने से पिगमेंटेशन दूर होता है। 


चिरौंजी स्किन फेस मास्क के रूप में 

चिरौंजी के तेल को या इसके पाउडर को किसी भी फेस पैक चाहे वह मुल्तानी मिटटी का हो , बेसन और रोज वाटर का हो के साथ पैक में मिलाकर लगाने से डार्क स्पॉट्स, बेलमिसेस को कम करने में मदद मिलती है।  इसे सीधे पीस कर भी समस्या वाली जगह पर लगा सकते है। हफ्ते में दो बार ऐसा करें। 


चिरौंजी स्क्रब के रूप में 

इसके पाउडर को दरदरा पीस कर मलाई मिलाकर स्क्रब् के रूप में इस्तेमाल कर सकते है।  यह मोइस्ट्राइजर का कार्य करता है और डेड स्किन निकलता है, जिससे त्वचा सॉफ्ट और ग्लोइंग नजर आती है। 

मुँह के छाले के लिए चिरौंजी 

चिरौंजी के पाउडर को पानी के साथ ले या दूध के साथ लेने से सीने की जलन, एसिडिटी, अलसर में आराम देती है। 

चिरौंजी इम्युनिटी के लिए 

चिरौंजी शारीरिक कमजोरी को दूर करता है।   इसे सूखे भी इसे खा सकते है या किसी स्वीट डिस में डाल कर।  इससे शारीरिकी शक्ति में इजाफा होता है। 


सूजन कम करे चिरौंजी 

घुटनों में होने वाले दर्द के कारण जो सूजन आ जाती है उससे चिरौंजी राहत देती है। इसकी पत्ती और बीज में इंफ्लामेंटरी गुण होते है जो सूजन को कम करते है। इसकी पत्तियों का काढ़ा बना कर उपयोग कर सकते है। इसके लिए डॉक्टर से परामर्श अवश्य लें।  

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चिरौंजी पर्णपाती मूल का एक सदाबहार वृक्ष है जो 15 से18 मीटर की ऊँचाई तक बढ़ता है। यह पौधा अर्ध-सदाबहार वनों, खुले और शुष्क वनों, तराई के वनों, शुष्क और नम पर्णपाती वनों में उगता हुआ पाया जाता है। यह रेतीले-दोमट मिट्टी पर अच्छी तरह से पनपता है।

चिरौंजी के नुकसान -  side effects of charoli (chirounji) in hindi

चिरौंजी या चारोली के नुकसान न के बराबर है।  फिर भी इसके अधिक सेवन से हो सकता है क्योंकि इसकी तासीर गर्म होती है जिससे कि कुछ कमजोर पाचन तंत्र या कमजोर पेट वाले व्यक्ति को भूख कम लगे। वैसे तो चारोली का तेल पाचन तंत्र के कार्य को बढ़ा देता है।

 चारोली के गुठली का सेवन अधिक करने पर कब्ज की शिकायत हो सकती है।  रात में बार-बार पेशाब जाना बढ़ सकता है।  साथ ही दस्त होने की शंका रहती है। इसलिए इसका सिमित मात्रा में उपयोग करें। 

यदि सूखे मेवे जैसी चीज़े खाने से एलर्जी जैसी कोई समस्या होती है या प्रेग्नेंट महिलाये  चिरौंजी खाने के सम्बन्ध में चिकित्सक से सलाह जरूर लें ।