ओवुुुलेशन पीरियड के कितने दिन बाद होता है, लक्षण पहचाने


ओवुुुलेशन पीरियड के  कितने दिन बाद होता है, लक्षण पहचाने के बाद ovulation कब और कैसे होता है इसके लक्षण पहचाने
ovulation 

period के बाद ovulation कब और कैसे होता है इसके लक्षण जानने से पूर्व यह जान लेना आवश्यक है की ओवुलेशन क्या होता है यह किस परिस्थिति में होता है। पीरियड के दौरान जो दम्पति बर्थ कण्ट्रोल का उपयोग नहीं करते है उनको 30 प्रतिशत तक प्रेग्नेंट होने की संभावना बढ़ जाती है क्योंकि इस दौरान ओवुलेशन होता  है और  अंडे निषेचन के लिए तैयार रहते है, क्योंकि  अगला ओवुलेशन अगले पीरियड के दौरान ही होगा जब अंडे fertilized होने के लिए तैयार होंगे ।   लेकिन परिस्थिति के अनुसार दिनों में थोड़ी भिन्नता भी हो सकती है। 

ovualtion क्या है -


हर महीने एक महिला अपने अंडाशय यानि ओवरी से एक अंडे(डिम्ब या egg)  को परिपक्व करके निषेचन(fertilize) के लिए तैयार करती है इसे ही ओवुलेशन (ovualtion) कहते है क्योंकि यह ओवरीज़ से निकलता है और उसी के नाम पर पड़ा है। इस समय  महिला प्रेग्नेंट होने के लिए सबसे अधिक उपयुक्त होती है। 

एस्ट्रोजन हार्मोन्स के कारण इस समय महिला को संभोग की तीव्र इच्छा होती है। यदि आपको पीरियड 1 मार्च को आया है तो पीरियड के पहले दिन से गिनते हुए 14वें या 15वे दिन ओवुलेशन होगा। यदि माहवारी अनियमित है तो ओवुलेशन के दिन आगे पीछे हो सकते है।

अण्डोत्सर्ग कब होता है - ovulation kab hota hai in hindi 

यदि आपका मासिक चक्र 28 दिनों का है तो पीरियड के 14 दिन पहले ओवुलेशन का समय शुरू होता है तथा 12वा, 13वा  व 14व  दिन सबसे अधिक निषेचन(fertilize) के लिए उपयुक्त होता है।   यदि मासिक चक्र 35 दिनों का है तो यह period के 21 दिन पहले के आस-पास यह शुरू होता है और 19, 20  और 21 वा दिन सबसे अधिक fertile होने के लिए बेस्ट होता होता है।   

एक तरीका यह की आप पीरियड  का पहला  दिन और अगले period के पहले दिन  तक के सारे दिनों को जोड़ ले और उसमे से 14 दिन को घटा दे जो दिन बचेगा वही आपके ovulation का टाइम होगा।

अण्डोत्सर्ग के कारण - ovulation Ke karan in hindi

 फॉलिकल अंडाशय में  तरल गुहे के रूप में होते है जिनमे  अविकसित अंडे होते है,  एस्ट्रोजन और ल्यूटिनाइजिंग हार्मोन्स (एल एच हार्मोन्स) प्रजनन हार्मोन्स है, यह फॉलिकल को  फूटने के लिए उत्तेजित करती है जिससे वह अंडे को फॉलिकल ट्यूब तक ले जाये।


अण्डोत्सर्ग कैसे होता है - ovulation kaise hota hai in hindi 

महिलाओं के दोनों तरफ अंडाशय मौजूद होता है और दोनों में से जिस अंडाशय में सबसे अधिक परिपक्व अंडे होते है उसी से ओवुलेशन होता है और कोई एक अंडा  सम्पूर्ण रूप से मैच्योर हो के निकलता है।

प्रत्येक पीरियड के दौरान महिला के  प्रजनन हार्मोन्स अंडाशय को encourage करते है जिससे अपरिपक्व अंडे (ओक्साइटस) परिपक्व होने लगते है। शुरुवात में बहुत सारे अंडे परिपक्व होते है लेकिन कोई एक ही अंडा ओवेरियन फॉलिकल द्वारा पूरा परिपक्व हो के निकलता है और फैलोपियन ट्यूब से होते हुए  नीचे गर्भाशय में जाता है और शुक्राणु(sparm) का इंतज़ार करता है । 

इस दौरान एस्ट्रोजन हार्मोन्स की वृद्धि रहती है जिसके फलस्वरूप गर्भाशय अपनी दीवार को मोटी कर लेता है जिससे अगर अंडे को स्पर्म मिलता है और वह भूर्ण बनता है तो गर्भाशय की दीवार से सट सके लेकिन जब अंडा फर्टिलाइज़्ड नही होता है तो गर्भाशय फिर से अपनी दीवार पतली कर लेता है जिससे दो हफ्ते बाद यही मोटी दीवार के ऊतक  और अंडे का तरल ब्लड के रूप में गिरते है जिसे पीरियड कहते है।  इस तरह हर मासिक चक्र दौरान ऐसा ही होता है।

Ovulation ke  bad pregnant kaise ho/fertilization ovulation ke kitne din bad hota hai - ओवुलेशन के कितने दिन बाद प्रेगनेंसी होती है 



जो अंडा स्पर्म का इंतज़ार करता है वह केवल 12 से 24 घंटो के लिए जीवित रहता है (इसके बाद वह योनि से तरल पदार्थ के रूप में गिर जाता है) यदि आप ओवुलेशन शुरू होने के 5 दिन पहले  से लेकर ओवुलेशन के आखरी दिन तक सम्भोग करती है तो गर्भवती होने का मौका अधिक रहता है इस समय को  फेर्टिलाइज़्ड विंडो कहते है इस समय गर्भधारण की सबसे अधिक चांस रहते है।

इसे पढ़े- pregnancy के 14 शुरुवाती लक्षणों को महिलाएं पहचानें और जाने गर्भवती हैं या नहीं

 यदि किसी वजह से आप ओवुलेशन के दिन तक सेक्स नहीं कर पायी तो भी गर्भवती हो सकती  है क्योंकि  पुरुष के शुक्राणु  फेलोपियन ट्यूब में लगभग 5 दिनों तक जीवित रहते है यदि ओवुलेशन शुरू होने के 4 से 5 दिन पहले सेक्स कर लेती है  तो  पुरुष के शुक्राणु फेलोपियन ट्यूब में मौजूद रहेंगे और ovulation के दिन परिपक्व अंडे को स्पर्म मिल सकेगा। क्योंकि परिपक्व अंडा फेलोपियन ट्यूब से होता हुआ आता है।

यदि आप बर्थ कण्ट्रोल करना चाहती है तो इन दिनों सयोंग न करें। 50 की उम्र के बाद ओवुलेशन होना खत्म हो जाता है इस अवस्था को रजोनात्ति कहते है।

क्या अण्डोत्सर्ग (ovulation) प्रभावित हो सकता है 

यदि आप माँ बनना चाहती है तो आपको अपने अण्डोत्सर्ग के समय को समझना होगा क्योंकि तनाव का, गर्भनिरोधक गोलियों का, अन्य दवाओं का, किसी प्रकार की बीमारी से आपकी ओवुलेशन और प्रेगनेंसी पर  में फर्क पड़ता है आप अपने मासिक चक्र पर ध्यान देंगी तो अच्छे से प्लानिंग कर पाएंगी।

क्या दो बार ओवुलेशन हो सकता है- kya do bar ovulation ho skta hai

हां दो बार भी हो सकता है  कई महिलाओं में दो बार ओवुलेशन हो जाता है,  इससे जुड़वा बच्चे होने की सम्भवना रहती है।  अक्सर महिलाओं को पीरियड के बाद भी कभी -कभी हल्का ब्लड दिखाई देता है हलाकि यह माहवारी नहीं होती है ये ओवुलेशन हो सकता है। जिसमे भूर्ण न बनने की स्थिति में गर्भाशय के ऊतक हल्के ब्लड के रूप में गिरते है।  

ओवुलेशन के लक्षण - symptoms of ovulation in hindi

अण्डोत्सर्ग इन हिंदी  को पहचानने के लिए शरीर में निम्न तरह के लक्षण दिखते है -

  • आपके शरीर का तापमान थोड़ा बढ़ जाता है या गिर सकता है। 
  • इस दौरान ग्रीव में (cervical mucus)  अधिक पतला तरल रुपी पदार्थ बना रहता है। 
  • सेक्स ड्राइव बढ़ जाती है। 
  • गर्भाशय ग्रीवा खुल जाती है। 
  • बहुत हल्के रंग का ब्लड भी दिखाई दे सकता है। 
  • पेट के नीचले हिस्से में थोड़ी ऐठन हो सकती है। जिसे मित्तेलेस्चर्म कहते है।
  • योनि सूजन लग सकती है।
  • नमकीन खाने की तेज इच्छा हुई है तो मतलब आप ओवुलेशन से अभी अभी गुजरी है।
ओवुलेशन की पहचान


  • ओवुलेशन जानने के तरीके गर्भाशय ग्रीवा में गाढ़ापन होना जिससे शुक्राणु को अंदर जाने में सहज रहे, आपने महसूस किया होगा इन दिनों योनि में बहुत चिकनाहट ओर सफेदी जैसा लगता है। 
  • यह आपको  जानने में थोड़ा समय लगेगा। आप एक चार्ट बना सकती है और मासिक चक्र के दौरान होने वाले परिवर्तनो को महसूस कर लिख सकती है । 
  • लार की ओर मूत्र की जाँच करवा सकती है। 
  • गर्भाशय ग्रीवा खुल जाती है और बहुत गीली रहती है।