सीओपीडी रोगियों के लिए आहार-chronic obstructive pulmonary disease treatment in hindi

सीओपीडी रोगियों के लिए आहार-chronic obstructive pulmonary disease treatment in hindi
copd in hindi



 copd food/diet in hindi के मरीजों की संख्या दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही।  कई लोगो में यह लापरवाही के कारण हो जाती है तो किसी को मजबूरी में।  अधिकतर यह धूम्रपान करने से हो ता है पर यह प्रदुषण, ग्रामीण इलाको में चूल्हे के धुंए के वजह से भी होता है। आईये जानते है कि COPD क्या होता है इसके लक्षण, कारण, इलाज और इस दौरान अपने फेफड़ो को बचाने के लिए कौन से आहार खाने चाहिए।  



क्या है सीओपीडी (क्रोनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी )- what is COPD in hindi  

सीओपीडी फेफड़ो (लंग्स) की एक गंभीर बीमारी है।  इस मर्ज में फेफड़ो के टिश्यूज छतिग्रस्त होंने  के कारण पीड़ित व्यक्ति अच्छी तरह से साँस नहीं ले पाता। copd होने के बाद फेफड़ो को वापस ठीक करना अमूमन मुश्किल होता है।  copd के आगे बढ़ने पर ब्रोंकाइटिस हो जाता है ऐसे में साँस नली में सूजन हो जाती है।  दवाईयों के द्वारा इसे कण्ट्रोल किया जाता है। 



क्रोनिक ऑब्स्ट्रक्टिव पलमोनरी डिजीज कैसे होता है ?


मनुष्य के फेफड़े धुंए जैसी पदार्थो को सोखने का कार्य करते है पर जब अधिक मात्रा यह पदार्थ फेफड़ो में जमा हो जाते है तो यह फेफड़ो के टिस्यूज को नष्ट करने लगते है फलस्वरूप में इंसान को साँस लेने में तकलीफ होने लगती है। इंसान द्वारा ली जा ने वाली ऑक्सीजन फेफड़ो में copd हो जाने के कारण उसे ब्लड तक नहीं जाने देता है।  

आगे जानिए copd रोगियों के खाने और न खाने वाले आहार -

सीओपीडी होने  का  कारण- Chronic Obstructive Pulmonary Disease causes in hindi

फेफड़ो में अधिक बलगम जमा हो जाना 
अधिक सिगरेट पीना। 
प्रदुषण के कारण 
लगातार धुंए के सम्पर्क में रहना। 
पहले से दमा होना 
जेनेटिक होना
 



सीओपीडी के लक्षण- COPD symtoms in hindi

  • पहले रोगी को खांसी आती है 
  • खांसी के साथ बलगम 
  • व्यक्ति की साँस फूलती है 
  • लम्बी समयतक रोगी साँस नहीं ले पता, धीरे -धीरे समस्या बिगड़ती जाती है 
  • व्यायाम करने पर हालत और बिगड़ जाती है 
  • खांसी के कारण रोगी को बेहोशी भी आ  सकती है 
  • copd  35 से 40 उम्र  बाद शुरू होती है, लेकिन कभी -कभी  पहले भी  हो जाता है। 
  • बीमार गंभीर होने पर रोगी को साँस अंदर लेने की तुलना में बहार साँस छोड़ने पर अधिक समय लगता है। 
  • रोगी का वजन कम होते जाना और थकान महसूस करना। 


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सी ओ पी डी में कौन-कौन से खतरे हो सकते है 

copd होने पर  इंसान को आसानी से कोई फ्लू, दमे परेशानी बढ़ना, स्ट्रोक होना हो सकता है। 


सी ओ पी डी से बचाव-  COPD prevention in hindi

  • धूम्रपान करने वाले के समीप न रहें।  क्योंकि धूम्रपान करने वाले जब धुंआ छोड़ते है तो उसे आप अपने अंदर ले लेते है। 
  • मास्क लगाए। 
  • धूल, धुंआ और प्रदूषित जगहों से दूर रहें।
  • रसोईघर में गैस व धुंए की निकासी के लिए व्यवस्था होनी चाहिए
  • साँस लेने में अधिक ताकत लगाना पड़े तो डॉक्टर से संपर्क करे। 




सी ओ पी डी की जाँच -

सी ओ पी डी की जाँच स्पाइरोमीटरी  जाँच की जाती है।


सी ओ पी डी का इलाज-COPD  Treatment in hindi 


सी ओ पी डी  की कोई खास इलजा नहीं है इसलिए इसे नियंत्रित करने का कार्य किया जाता है।  इसके लिए स्टेरॉयड इन्हेलर्स और एंटी कोलीनेर्जिक  टेबलेट्स की भूमिका  महत्वपूर्ण होती है।  अधिकार दवाये इन्हेलर के रूप में दी जाती है।  कभी -कभी सीओपीडी की तीव्रता बढ़ जाती है, जिसे एक्यूट एक्सासरबेशन कहते है यह बैक्टीरिया का फेफड़ो पर इन्फेक्शन के कारण होता है। जिससे फेफड़े कमजोर और काम करने की एनर्जी कम हो जाती है। 


जब रोगी के कफ का रंग बदल जाता है जो सफ़ेद हरा या पीला हो जाता है।  साँस तेज चलती है धड़कन बढ़ जाती है ऐसे में रोगी को बाईपैप थेरेपी और ऑक्सीजन दी जाती है।  


कोई भी दवा स्वयं से न ले चिकित्सक परामर्श आवश्यक है।   



सीओपीडी रोगियों के लिए आहार - what to eat in COPD in hindi


copd में मरीज को प्रोटीन युक्त भोजन अधिक लेना चाहिए। प्रोटीन किन-किन चीज़ों में पाया जाता है


प्रतिरोधक छमता बढ़ाने वाले आहार लें। 

ऐसे आहार लें जिनमें पोटैसियम हो जैसे - केला, बीट्स, नारियल, आलूबुखारा, संतरा आदि।

ऐसे पदार्थ के जिसमें एंटी ऑक्सिडेंट हो जैसे - ग्रीन टी पिए, चकोतरा, आंवला, नीबू, लहसुन, लौंग, दालचीनी, अदरक।

सब्जियों में विशेष रूप से तरोई, भिंडी, लौकी खा सकते है।

विटामिन डी के लिए मशरूम खाए और सुबह की धूप सेंक।

साबुत आनाज

पतला मांस

जई(ओट्स)

सेम


अधिक पानी पिए। 


मौसमी फल खाये। 

अंजीर खाये। 



copd में रोगी को क्या नहीं खाना चाहिए - what to avoid food in COPD in hindi


कार्बोहायड्रेट वाले अहारो को कम खाना चाहिए।   
एक बार अधिक खाना न खाये। 
सोडियम कम लें। 
दूध और दूध से बानी चीज़े क म खाये यह बलगम अधिक बनाते है। 
तला भुना कम खाये।
 

गैस बनाने वाले भोजन से परहेज करे।

सीओपीडी का आयुर्वेदिक उपचार 


copd in hindi से ग्रस्त रोगियों को अपनी इम्युनिटी का खास ध्यान रखना चाहिए इसके लिए उन्हें अश्वगंधा का प्रयोग करना चाहिए। 

हल्दी का प्रयोग करे यह एंटीबैक्टीरियल होता है।  हल्दी को दूध के साथ ले सकते है। 

कफ निकालने में परेशानी हो तो मुलेठी का उपयोग करे।  

गुनगुना पानी पिए। 

निष्कर्ष

यहां बताए गए Copd के लिए आहार एवं इलाज सामान्य जानकारी देते है। डॉक्टर से अवश्य संपर्क करें।